Trump का नया धमाका: "Greenland चाहिए, वरना... " क्या रूस की वजह से दुनिया का नक्शा बदलने वाले हैं ट्रम्प?
क्या है ताज़ा खबर? (The Breaking News)
दुनिया अभी वेनेजुएला (Venezuela) में अमेरिकी कार्रवाई और मादुरो की गिरफ्तारी की खबर से उबरी भी नहीं थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक और बड़ा बयान दे दिया है।
जनवरी 2026 की शुरुआत के साथ ही ट्रम्प ने साफ़ कर दिया है कि उनकी नज़र अब ग्रीनलैंड (Greenland) पर है।
"हम ग्रीनलैंड को लेकर कुछ न कुछ ज़रूर करेंगे... चाहे प्यार से (Easy Way) या फिर सख्ती से (Hard Way)।"
यह बयान पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।
ट्रम्प को ग्रीनलैंड क्यों चाहिए? (The Russian Connection)
आपके मन में सवाल होगा कि बर्फ से ढके ग्रीनलैंड में अमेरिका को क्या दिलचस्पी है? इसका सीधा जवाब है: रूस (Russia) और चीन (China)।
ट्रम्प का कहना है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड को नहीं लिया, तो रूस या चीन उस पर कब्ज़ा कर सकते हैं।
रूस का डर: आर्कटिक (Arctic) क्षेत्र में रूस अपनी मिलिट्री ताकत बढ़ा रहा है। ट्रम्प ने कहा कि ग्रीनलैंड के आसपास "रूसी पनडुब्बियां और जहाज" देखे जा रहे हैं।
पड़ोसी नहीं चाहिए: ट्रम्प ने साफ़ कहा, "हम नहीं चाहते कि रूस या चीन हमारे पड़ोसी बनें।" इसलिए अमेरिका इसे अपनी सुरक्षा (National Security) के लिए ज़रूरी मानता है।
"Easy Way" या "Hard Way" का क्या मतलब है?
यह ट्रम्प का सबसे विवादास्पद (Controversial) बयान है।
Easy Way: इसका मतलब है कि डेनमार्क (Denmark) पैसे लेकर ग्रीनलैंड अमेरिका को बेच दे।
(ट्रम्प ने पहले भी इसे खरीदने की इच्छा जताई थी)। Hard Way: इसका मतलब साफ़ नहीं है, लेकिन वेनेजुएला की घटना के बाद दुनिया को डर है कि क्या अमेरिका मिलिट्री का इस्तेमाल कर सकता है?
ग्रीनलैंड और डेनमार्क का जवाब
ग्रीनलैंड के नेताओं ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह ठुकरा दिया है।
"हम अमेरिकी नहीं बनना चाहते, हम ग्रीनलैंडर्स हैं। हमारा देश बिकाऊ नहीं है।"
डेनमार्क, जो नाटो (NATO) में अमेरिका का सहयोगी है, इस बयान से सकते में है।
मेरा नज़रिया (My Opinion)
2026 की शुरुआत जियो-पॉलिटिक्स (Geo-politics) के लिए बहुत उथल-पुथल वाली रही है। ट्रम्प की "America First" नीति अब "American Expansion" (अमेरिकी विस्तार) की तरफ बढ़ रही है।
अगर अमेरिका वाकई ग्रीनलैंड पर दबाव बनाता है, तो यूरोप और रूस के साथ उसके रिश्ते बहुत खराब हो सकते हैं। यह सिर्फ़ ज़मीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि आर्कटिक महासागर (Arctic Ocean) पर कब्ज़े की लड़ाई है।
आपका क्या सोचना है?
क्या अमेरिका को अपनी सुरक्षा के लिए दूसरे देशों (जैसे ग्रीनलैंड) को खरीदने का हक़ है? या यह दादागिरी है? 👇 कमेंट में अपनी राय ज़रूर लिखें!
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